भारतीय मूल्यों पर आधारित वैकल्पिक व्यवस्था की पक्षधर हिन्दीं मासिक पत्रिका

अगस्त 2007

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समझौते की गांठ पर वाम का हठ  (वेदप्रताप वैदिक ) कांग्रेस पार्टी को सरकार भंग होने की उतनी चिंता नहीं है, जितनी समझौता भंग होने की है। संसद का विश्वास खो देने को वह तैयार है, लेकिन वह बुश प्रशासन का विश्वास खोने को तैयार नहीं है। >>> शेष पढ़ें

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ताकि जीवंत हो उठे सहकारी आंदोलन (प्रांजल धर ) इस दुनिया में बड़ें-बड़े महानगरों में किसी कोने किनारे पर बसी झुग्गियाँ है जहां गाँवों से रोजगार की तलाश में आए लोग रहते है, जहां बिजली, पानी या स्वास्थ्य की सुविधओं का खस्ताहाल है। जहां मानवधिकारों की हालत चिंताजनक है और जहां देश का भविष्य कहे जाने नौनिहाल शिक्षा से फिलहाल वंचित है। सहकारिता का ताल्लुक शायद इसी दुनिया से है। >>> शेष पढ़ें

क्यों हुआ हाल बेहाल (भारतीय पक्ष ब्यूरो)- शुगर कोआपरेटिव सोसायटियों की संरचना कुछ इस तरह से है कि लाभ तो सदस्यों में बांट दिया जाता है, लेकिन हानी का बोझ सरकार पर डाल दिया जाता है। जिसका फायदा मिल मालिक बखूबी उठाते है और संस्थान को घाटे में दिखाकर जहां एक ओर सदस्यों को उन्हे मिलने वाले प्रतिल से वंचित कर दिया जाता है, वहीं सरकार से हानि की भरपाई करनें के लिए अनुदान भी मिल जाता है।  >>> शेष पढ़ें

इस अंक के अन्य लेख-

आवरण कथा

सहकारिता: सब एक के लिए एक सब के लिए

उमाशंकर मिश्र

बहस

समग्र में क्या-क्या शामिल हो? राजेन्द्र कुमार भटनागर

परिदृश्य

बाढ़ ब्रजेश कुमार झा.

रिहाई से उपजे सवाल  

भारतीय पक्ष ब्यूरो.
कीटनाशकों के बिना खेती....       देवेंद्र शर्मा

विविधा

पारंपरिक शिक्षा का स्वरूप आनन्द सुब्रमण्यम शास्त्री विविधा
दलविहीन चुनाव में छिपा है समाधान.

पुरूषोत्तोम दास झुनझुनवाला

विविधा
ब्लूलाईन बसों की दुनिया हिमांशु शेखर विविधा
पारो की नई पहचान मु. शफीकुर रहमान खान विविधा

डोमकच: लुप्त होती परंपरा.

स्वयंवरा विविधा
वेषभूषा में, भाषा में, सोच में और सपनों में... ड़ॉ सीतेश आलोक चलती चाकी देखके
भूमिसूक्त: जमीन से हमारा रक्त सम्बन्ध सूर्यकांत बाली भारत गाथा
पटना: अब बो बात कहां अनुपम कुमार अपना अंचल.
शिक्षा-मूर्ति का सेवा भाव अरूण देव सार्थक प्रयास

अनमोल पुस्तक

समय की कविता

विद्रोह की कथा

  पुस्तक परिचय
वैचारिक स्पष्टता को समर्पित रही किष्किंधा बैठक संवाददाता गतिविधि
वह फिर नाचे बीच बाजार अक्षय जैन दाल रोटी
कगार पर फिसलन
ब्लाक का पन्ना
कुत्ते की आवाज फणीश्वर नाथ 'रेणु' कहानी

 राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन

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