भारतीय मूल्यों पर आधारित वैकल्पिक व्यवस्था की पक्षधर हिन्दी मासिक पत्रिका
 

मार्च,  2007

पिछले अंक

हमारे बारे में

संपर्क करें

सदस्य बनें

 विविध स्थाई स्तंभ

 भारतगाथा

 कहानी

 पुस्तक परिचय

अपना ई- मेल देखें

 जी-मेल

 हाट-मेल

 याहू-मेल

 रेडीफ-मेल

 सिफी-मेल

हिन्दी समाचार-पत्र

 अमर उजाला

 जागरण

 भाष्कर

 नवभारत टाइम्स

 प्रभासाक्षी

 सहारा समय

 बी.बी.सी हिन्दी

 घर बचओ- देश बचाओ अभियान

 

 

 

 

 

सूचना मांगी थी, जेल नहीं (विमल कुमार सिंह) देश में आए दिन ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जहां सूचना मांगने वालों को प्रशासन द्वारा येन-केन-प्रकारेण परेशान किया जा रहा है। ऐसा करके सरकारी तंत्र आस-पास यह संदेश देना चाहता है कि  सूचना के अधिकार का इस्तेमाल करना खतरे से खाली नहीं है। सूचना मांगने वाले नागरिकों को परेशान करने की एक सनसनीखेज घटना अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में घटी है जहां दो ग्रामीणों को जेल में ठूंस दिया गया। सूचना के अधिकार के क्षेत्र में काम कर रहे सभी लोगों को इस बारे में जानना जरूरी है।">>विस्तार

 
 

गांव-गांव से उठे सूचना की मांग (भारतीय पक्ष ब्यूरो) आज जरूरत इस बात की है कि हर गांव में लोग सूचना मांगने के लिए आगे आएं। यह एक तरह से आजादी की नयी जंग होगी। जिस प्रकार देश को आजाद कराने के लिए हमारे बुजुर्गों ने तमाम अत्याचार सहे, वैसा ही अगर सूचना मांगने के दौरान घटित हो तो लोग उसके लिए तैयार रहें। >>विस्तार

 
 

सूचना के अधिकार का कानून फूलों की सेज नहीं है (अरविंद केजरीवाल) सूचना के अधिकार के क्षेत्र में श्री अरविंद केजरीवाल के योगदान से पूरा देश परिचित है। उन्हें जब पता चला कि आजमगढ़ में दो लोगों को सूचना मांगने के लिए जेल में डाल दिया गया है, तो वे तुरंत उनका साथ देने के लिए आगे आए। प्रस्तुत है इस संदर्भ में भारतीय पक्ष की ओर से उनसे की गयी बातचीत के मुख्य अंश। >>विस्तार

 

हम सबको जिम्मेदार होना पड़ेगा (अरुणा राय) भारत में 'सूचना का अधिकार कानून ने दो साल का सफर पूरा कर लिया है। इस कानून को अमली जामा पहनाने में अरुणा राय का बहुत बड़ा योगदान रहा है। सामुदायिक नेतृत्व के लिए रैमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित अरुणा राय ने 'सूचना के अधिकार' के लिए अपने संघर्ष की शुरुआत एक ऐसी जगह से की जहां न टेलीफोन की सुविधा थी और न फैक्स की। राजस्थान के जयपुर जिले की भीम तहसील के अंतर्गत पड़ने वाले देवदुंगड़ी गांव तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क तक नहीं थी। इसके बावजूद यहीं की एक झोपड़ी से शुरू हुए आन्दोलन ने पहले राजस्थान सरकार और फिर भारत सरकार को 'सूचना का अधिकार' कानून बनाने के लिए विवश कर दिया। इस कानून से संबंधित कई मसलों पर 'भारतीय पक्ष' के लिए अफरोज आलम 'साहिल' ने उनसे बातचीत की।">>विस्तार

 

एकता और अखंडता क्या केवल कहने की चीज है (हिमांशु शेखर) गरीब लोग अगर कहीं दो जून की रोटी कमाने जाएं और वहां से भी उन्हें भगाया जाए तो उनके पास विकल्प कम ही बचते हैं। ऐसे में पहले से ही देश के लिए नासूर बने नक्सलवाद को बल मिल सकता है। ये लोग हथियार उठा सकते हैं और फिर उसके भयावह नतीजों  का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। >>विस्तार

एक और चोट गंगा पर

 
 

उ.प्र. सरकार द्वारा गंगा नदी से लगे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक एवं पारिस्थितिकीय बाहुल्य क्षेत्र में एक्सप्रेस हाईवे निर्माण की मंजूरी के बाद देश के पर्यावरणविद् गहरी चिन्ता में पड़ गए हैं। इस परियोजना के कारण एक ओर जहां क्षेत्रीय नागरिकों के मौलिक अधिकारों के हनन की समस्या है, वहीं दूसरी ओर शासन की पर्यावरण संरक्षण की अपनी प्रतिबध्दता भी सवालों के घेरे में आ गयी है। >>विस्तार

जरा हटके नियामत नैनो की (विमल भाई) नासमझ लोग नैनो से होने वाले फायदे को देख ही नहीं पा रहे हैं। उन्हें पता नहीं कि नैनो के कारण बैंकों के पैसे उधारी पर जाएंगे। वसूली को स्टाफ जाएगा। कार धुलाई को पानी जाएगा। यमुना में नहीं तो टिहरी से तो पानी आ ही जाएगा। फिक्र करने की जरूरत क्या है? अब रही बात कार से निकलने वाले धुएं से ओजोन परत को होने वाले नुकसान, सड़कों पर लगने वाले जाम की, तो ये सब फालतू की बात है। क्या इनके खातिर विकास को रोक दिया जाए?  >>विस्तार

 

इस अंक के अन्य लेख-

 

 कर्ण: अपने समय का तेजस्वी महापुरुष >>विस्तार

  सूर्यकांत बाली  भारतगाथा

 लक्ष्मण रेखा के बहाने..   >>विस्तार

 डा. सीतेश आलोक  विविधा

 देखो अपना देश रेल में  >>विस्तार

 उमाशंकर मिश्र

 विविधा

 सृष्टि का क्रमिक विकास-सामर्थ्यवानों

 को चेतावनी >>विस्तार

 स्वामी मुक्तानंद सरस्वती

 विविधा

 सन्त कीनाराम और अघोर सिध्द पीठ रामगढ़ >>विस्तार

 सैय्यद फिरोजुद्दीन

 विविधा

 देहात में नई इबारत लिखता 'एफ.एम' >>विस्तार

 फिरदौस ख़ान

 विविधा

 बिहार में आशा की किरण बनती सुधा डेयरी >>विस्तार

 नवलेश कुमार

 विविधा

 हौसलों की उड़ान  >>विस्तार

 दिनेश द्विवेदी

 सार्थक प्रयास

 बांस बड़े काम की चीज है >>विस्तार

 सुनील देशपाण्डे

 सार्थक प्रयास

 छलांग  >>विस्तार

 डा. अरुणा सीतेश

 कहानी

 पीए प्रजाति >>विस्तार

 चैतन्य प्रकाश

 वयंग्य

 छठा अंतरराष्ट्रीय हिन्दी उत्सव 
 
हिन्दी का उत्सवी विमर्श
>>विस्तार

 नरेश शांडिल्य

 गतिविधि

 राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन

स्थाई स्तंभ

सार्थक प्रयास

 

      भारतगाथा

 

कहानी

   

Austin e-commerce