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सूचना
मांगी थी,
जेल नहीं
(विमल
कुमार सिंह)
देश में आए दिन ऐसे मामले सामने
आ रहे हैं जहां सूचना मांगने वालों को प्रशासन द्वारा
येन-केन-प्रकारेण परेशान किया जा रहा है। ऐसा करके
सरकारी तंत्र आस-पास यह संदेश देना चाहता है कि सूचना
के अधिकार का इस्तेमाल करना खतरे से खाली नहीं है।
सूचना मांगने वाले
नागरिकों को परेशान करने की एक सनसनीखेज घटना अभी हाल
ही में उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में घटी है जहां दो
ग्रामीणों को जेल
में
ठूंस दिया गया। सूचना के अधिकार के क्षेत्र में काम कर
रहे सभी लोगों को इस बारे में जानना जरूरी
है।।">>विस्तार |
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गांव-गांव से उठे
सूचना की मांग
(भारतीय
पक्ष ब्यूरो)
आज
जरूरत
इस बात की है कि हर गांव में लोग सूचना मांगने के लिए
आगे आएं। यह एक तरह से आजादी की नयी जंग होगी। जिस
प्रकार देश को आजाद कराने के लिए हमारे बुजुर्गों ने
तमाम अत्याचार सहे,
वैसा ही अगर
सूचना मांगने के दौरान घटित हो तो लोग उसके लिए तैयार
रहें।
>>विस्तार |
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