भारतीय मूल्यों पर आधारित वैकल्पिक व्यवस्था की पक्षधर हिन्दीं मासिक पत्रिका

अक्टूबर, 2007

पिछले अंक

हमारे बारे में

संपर्क करें

सदस्य बनें

 विविध स्थाई स्तंभ

 संपादकीय

 चलती चक्की देखके

 भारतगाथा

 कहानी

 पुस्तक परिचय

 ब्लाग का पन्ना

 दाल रोटी

अपना ई- मेल देखें

 जी-मेल

 हाट-मेल

 याहू-मेल

 रेडीफ-मेल

 सिफी-मेल

हिन्दी समाचार-पत्र

 अमर उजाला

 जागरण

 भाष्कर

 नवभारत टाइम्स

 प्रभासाक्षी

 सहारा समय

 बी.बी.सी हिन्दी

 

पुस्तक परिचय
  कबीर पर अभिनव विमर्श
  पुस्तक :     कबीर : साखी और सबद
  लेखक :   पुरुषोत्तम अग्रवाल
मूल्य  :  90 रुपये

कबीर की रचनाओं का जो संग्रह पुरुषोत्तम अग्रवाल ने कबीर साखी और सबद शीर्षक से तैयार किया है, उसकी कई विशेषताएं हैं। सामान्य रूप से प्राचीन कवियों के वचनों का अध्ययन करने वाले विद्वान एक स्वनिर्धारित- 'प्रामाणिकता' के भरोसे काम करते दिखते हैं और इस प्रामणिकता की प्रामाणिकता को बहस के परे रखते हैं। नतीजतन, 'मूल' की खोज करते-करते डाल पत्तों की वह छंटाई होती है कि पेड़ ही गायब हो जाता है। अपने किए चयन में पुरुषोत्तम अग्रवाल ने पिछले कबीरविदों के अहंकार से भरसक बचने की चेष्टा की है और पारंपरिक कबीर-अध्ययन का कहीं अपमान नहीं किया है। ठीक यही बात कबीर के 'जीवन-वृत्त' आदि के बारे में उनके दृष्टिकोण के बारे में कही जा सकती है। अपनी भूमिका में पुरुषोत्तम अग्रवाल ने कबीर को कवि कहा है, उस अर्थ में जिस अर्थ में आचार्य रामचंद्र शुक्ल और आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी ने कबीर को कवि नहीं कहा है। ऐसी परिस्थिति में यह स्पष्ट करना होगा कि 'कवि' से उनका तात्पर्य क्या है। कबीर से जुडे 'तथ्य' बहुविदित हैं, पर उन तथ्यों से जो प्रश्न बनते हैं, उन पर ध्यान कबीर-अध्ययन में नहीं दिया जाता रहा है। पुरुषोत्तम अग्रवाल ने पहली बार कुछ ऐसे प्रश्नों की ओर ध्यान देने का प्रयास किया है और इसके नाते अनेक कबीरविदों को कुछ असुविधा हो सकती है।

रंगमंच का इतिहास
पुस्तक : रंग दस्तावेज
लेखक : महेश आनंद
प्रकाशक : राष्ट्रीय नाटय विद्यालय, दिल्ली
मूल्य   :  

   2500 रुपए

 महेश आनंद की सक्रिय रचनाशीलता और समर्पणशीलता का ताजा और मजबूत प्रमाण है रंग दस्तावेज : सौ साल (1850-1950) नामक दो खंडों में प्रकाशित ग्रंथ। अपने प्रकाशकीय वक्तव्य में देवेंद्रराज अंकुर ने ठीक ही लिखा है, ''दो खंडों में प्रकाशित इस कृति में संकलित लेखों, टिप्पणियों, समीक्षाओं, वृतांतों और विज्ञापनों के विवेचन-विश्लेषण से हिंदी रंग परिवेश के उन संदर्भ सूत्रों से परिचय होता है, जो हिंदी रंगमंच के इतिहास का प्रामाणिक साक्ष्य प्रस्तुत करते हैं।''

महेश आनंद ने भूमिका में लिखा है, ''बीसवीं शताब्दी में हिंदी रंगमंच की गति कई कारणों से बाधित होती रही। स्वतंत्रता आंदोलन की तीव्रता को देखते हुए ब्रिटिश सरकार ने '्रोमेटिक परफारमेंसेज एक्ट आफ 1876' को कठोरता से लागू किया। महेश आनंद ने अनेक वर्षों तक कई प्रदेशों और पुस्तकालयों की, अपने सहयोगियों के साथ यात्राएं की और इस काम को अंजाम दिया। यह साम्रगी हिंदी रंगमंच के इतिहास को व्यवस्थित रूप देने में आधार सामग्री का काम करेगी यह निर्विवाद है।

इसके साथ-साथ यह हिंदी समाज की जड़ता और गतिशीलता का साक्ष्य भी है। 'रंग दस्तावेज' हिंदी रंग-यात्रा के अनेक पड़ावों की अनेक कठिनाइयों, सक्रियताओं, उपलब्धियों और सीमाओं की समझ पैदा करने का गंभीर प्रयास है

हिंदू निशाने पर
पुस्तक :   हिंदू निशाने पर
लेखक :  डा. सुब्रमणियन स्वामी
प्रकाशक : डायमंड पाकेट बुक्स, दिल्ली
मूल्य : 90 रुपये 

    यह पुस्तक सुब्रमण्यिम स्वामी द्वारा लिखी गई है। इस पुस्तक में लेखक का तर्क है कि आज हिंदुत्व, एक अदृश्य बहुआयामी घेरेबंदी में है, जेसा पहले कभी नहीं था और यह घेरेबंदी केवल वही देख सकते हैं, जिन्हें इसे देखने के लिए सतर्क कर दिया जाए। लेखक तर्क-सहित बतलाता है कि हिंदुओं को सामूहिक रूप से एक नई मानसिकता बनानी चाहिए, ताकि वे बढ़ती हुई अत्यंत बहुआयामी घेरेबंदी की चुनौती का सामना कर सकें, जो स्वरूप में अंतरराष्ट्रीय है, अन्यथा हिंदुओं के लिए भय है कि प्राचीन युनानियों, मिड्डवासियों और बेबीलोनियनों की भांति वे भी समाप्त हो जाएंगे।

आज देश में केवल वैचारिक खिचड़ी ही शेष रह गई है। जब-तक एक नए वैचारिक ढांचे की योजना साफतौर पर लोगों के सामने प्रस्तुत नहीं की जाती, तब-तक वर्तमान वैचारिक संकट चलता रहेगा। इस किताब में लेखक ने भारत के राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक, मानसिक, आर्थिक इत्यादि पहलुओं पर इस प्रकार प्रकाश डाला है कि यह अन्य देशों में प्रतिर्स्प्धाओं के प्रति कम आंका गया है।

इतना ही नहीं, किताब के शीर्षक से ज्ञात होता है कि वास्तव में हिंदु किसी भयंकर युद्ध की परिस्थितियों से गुजर रहे हैं।

 राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन

स्थाई स्तंभ

संपादकीय

चलती चक्की देखके

भारतगाथा

दाल रोटी

कहानी

  पुस्तक परिचय

 

 

ब्लाग का पन्ना

   

Austin e-commerce