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आखिर क्या है चंदे का फंडा
अफरोज आलम
'साहिल'
विचारधारा,
दृष्टिकोण और नीतियों की पार्टी
अर्थात भारतीय जनता पार्टी कभी भोपाल गैस कांड की दोषी
कम्पनी की
घोर विरोधी थी, पर लगता है
अब विरोध खत्म हो चुका है। इसलिए उसने यूनियन कार्बाइड
के नए मालिक 'डाओ केमिकल्स'
से भी चंदा लेने में कोई परहेज
नहीं किया। इन्हें तो बस पैसा चाहिए। पैसा कहां से आता
है, कौन देता है,
इससे कोई मतलब नहीं।
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जैविक खेती का खेल
रवि शंकर
जैविक
खेती के इस खेल में किसान एक बार फिर हाशिए पर ही
हैं। हमेशा की तरह इस बार भी बड़ी-बड़ी कंपनियां और
राजधानी दिल्ली जैसे बड़े शहरों में बैठ कर कारोबार
करने वाली बड़ी बड़ी हस्तियां ही इस खेल की प्रमुख
खिलाड़ी हैं।
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सड़क सुरक्षा,
जीवन रक्षा
प्रदीप सिंह
यातायात को नियंत्रित-व्यवस्थित करने के लिए कानून
की कमी नहीं है। सड़कों
पर तेज गति से भागती हुई लंबी कारें किसी की परवाह किए
बिना दौड रही हैं। सरकारी और गैर सरकारी सर्वे यह बता
रहे हैं कि प्रतिवर्ष सड़क दुर्घटना में बढ़ोतरी हो रही
है।
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सेहत का सवाल
रितू तोमर
देश में धड़ल्ले से खुल रहे इन निजी
अस्पतालों पर गौर करें तो पता

चलेगा कि हर साल देश में
500
से 600
अस्पताल खुलते हैं।
जिनमें बड़े-बड़े अस्पतालों से लेकर नर्सिंग होम और
छोटे-मोटे क्लिनिक भी मौजूद हैं। लेकिन फिर भी हर साल
बड़ी संख्या में लोग अपनी जिदंगी से हाथ धो बैठते हैं।
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