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पृथ्वी
पर जीवन का भविष्य
(रमेश कुमार शर्मा)
पृथ्वी
पर जीवन के भविष्य को लेकर आज के युग का
निराशावाद-प्रदूषण विषाक्ताता,
प्रजाति विलोप
एवं आधुनिक
मानव की पर्यावरण विमुखता की ओर संकेत करता है।
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ध्यान
का
वैश्विक प्रभाव
(स्वामी वेद भारती)
ध्यान
के दर्शन पर बहुत कुछ कहा गया है,
लेकिन ध्यान के प्रभाव के बारे में
कुछ खास नहीं मिलता। ध्यानमार्ग पर चलने और उसकी
अनुभूतियों को प्रकट करने के लिए दुनिया के सभी
धर्मग्रंथो में विधियों का उल्लेख है।
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लोक-कहावतों
में खेती ज्ञान के स्वर
(जगन्नाथ
'विश्व')
भारत के विभिन्न प्रान्तों में अपने-अपने भाव,
भाषा एवं वेशभूषा के अनुरूप
लोक-कहावतें जन-जन के मुख पर आती रहती हैं। इन
कहावतों में मानवीय जीवन की प्रत्येक हलचल का सही
चित्रण हमें देखने को मिलता है। ऐसी ही कुछ कहावतें
हैं
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