गत 7 सितंबर से 9 सितंबर के बीच दिल्ली आई.आई.टी. में एक तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें तकनीकी संस्थाओं के ज्ञान, स्वैच्छिक संगठनों के अनुभव और सरकार के संसाधनों को मिलाकर गांवों के विकास के लिए एक अभियान की रूपरेखा तैयार की गई जिसे आई.आई.टी. दिल्ली के तत्वावधान में चलाया जाएगा। अभियान की संकल्पना है कि जमीनी स्तर पर काम कर रहे स्वैच्छिक संगठनों के साथ स्थानीय तकनीकी संस्थानों को जोड़कर उनकी समस्याओं के तकनीकी समाधान ढूंढे जाएं और फिर उसे अभियान के अंतर्गत गठित शीर्ष इकाई के माध्यम से सरकारी सहायता उपलब्ध करवाई जाए। प्रस्तावित योजना में स्वैच्छिक संगठनों को विभिन्न मंत्रालयों में भटकने से बचाने के लिए एक सिंगल विंडो क्लियरेंस की व्यवस्था करने पर जोर दिया गया है।
भारत सरकार के वैज्ञानिक सलाहकार श्री चिदंबरम सहित केन्द्र सरकार के तीन मंत्रियों ने इस कार्यशाला में भाग लिया और अपने मंत्रालयों के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। मानव संसाधन मंत्री ने अपने मंत्रालय में इस अभियान के संयोजन के लिए एक अलग से प्रकोष्ठ बनाए जाने की घोषणा की। कृषि मंत्री ने खेती-किसानी को लाभप्रद बनाए जाने के लिए देशी गाय और जैविक खेती पर विशेष जोर दिया। वहीं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री जितेंद्र सिंह …

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विशेष रिपोर्ट

मानसिक रोग की समस्या गंभीर है

मानसिक रोग की समस्या गंभीर है

विपुल शर्मा हमारे देश की कुल जनसंख्या में 6-7 फीसदी लोग मानसिक बीमारियों से ग्रस्त हैं और इनमें से एक फीसदी गंभीर मानसिक बीमारियों के शिकार हैं। वहीं 20 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जिनको चिकित्सा परामर्श की आवश्यकता है। लेकिन समाज के रवैये के कारण और जानकारी के आभाव में 77 फीसदी लोग अपनी बीमारी […]

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  • ढांचागत बदलावों से होगा देश का मन स्वस्थ
  • रोग से भागें नहीं लक्षण पहचानें
  • सार्थक प्रयास

    एक शिक्षक ने बदला काकोड़ा गांव का रूप

    एक शिक्षक ने बदला काकोड़ा गांव का रूप

    भारतीय पक्ष ब्यूरो महाराष्ट्र राज्य के जलगांव जिले के मुक्ताईनगर तहसील में बसा काकोडा गांव भारत के अधिकांश गांवों के समान अनेक समस्याओं से जूझ रहा था। 1977 मंे गांव में के एक शिक्षक भालचन्द्र दिनकर कुलकर्णी ने गांव सुधार के उपाय आरंभ किए। लोगों ने उन उपायों को सक्रिय सहयोग दिया और आज यह […]

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  • A school with a view
  • साहब! निमोदा को चाहिए सामुदायिक मीडिया
  • परिदृश्य

    नक्सल की पालनहार विदेशी ताकतें

    नक्सल की पालनहार विदेशी ताकतें

    दीपक स्याल जंगलों में अपने पांव पसार चुका नक्सलवाद अब दिल्ली जैसे आधुनिक शहर मे अपने पैर पसार रहा है। इस बात की पुष्टि उस गोपनीय रपट ने की जिसके अनुसार दिल्ली के 9 में से 7 जिले नक्सल प्रभावित हो चुके हैं। अभी हाल ही में झारखंड में दो नक्सली गुटों के नेता योगेन्द्र […]

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  • यूनाईटेड किंगडम अब यूनाइटेड रहेगा
  • Govt. Educational Institutions Crying for Help
  • अतीत

    प्रदीप रोशनः एक सूरज जो समय से पहले ढल गया

    वोटतंत्र की बुनियाद पर काम कर रही मौजूदा व्यवस्था की पोल खोलने में जो जमात लगी है, उसी के प्रतिनिधि कवि थे- प्रदीप रोशन। उनकी कविताएं दिल्ली, मुंबई के साहित्यिक गलियारों में बेशक न सुनी गई हों, लेकिन जिन लोगों में व्यवस्था परिवर्तन की अकुलाहट है, उनके बीच प्रदीप जी की कविताएं लगातार सुनी गईं। […]

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  • अंदर से हो बदलाव
  • चला गया अदब की दुनिया का कबीर
  • गतिविधियाँ

    आई.आई.टी. का उन्नत भारत अभियान

    गत 7 सितंबर से 9 सितंबर के बीच दिल्ली आई.आई.टी. में एक तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें तकनीकी संस्थाओं के ज्ञान, स्वैच्छिक संगठनों के अनुभव और सरकार के संसाधनों को मिलाकर गांवों के विकास के लिए एक अभियान की रूपरेखा तैयार की गई जिसे आई.आई.टी. दिल्ली के तत्वावधान में चलाया जाएगा। अभियान […]

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  • महिला विरोधी लेख के खिलाफ प्रदर्शन
  • कोल्हापुर में होगा चौथा भारत विकास संगम
  • चर्चा में

    अवसर की समानता बेहद जरूरी है

    अवसर की समानता बेहद जरूरी है

    विपुल शर्मा दीनानाथ बत्रा ‘शिक्षा बचाओ आन्दोलन समिति’ के संस्थापक तथा राष्ट्रीय संयोजक  हैं। वे विद्या भारती के महासचिव भी रह चुके हैं। वे पंजाब तथा हरियाणा में अंग्रेजी तथा हिन्दी विषयों के अध्यापक तथा प्रधानाचार्य रहे हैं। सिविल सर्विस परीक्षा में सीसैट लागू किए जाने के संघ लोक सेवा आयोग के फैसले को सबसे […]

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  • विघटन के कगार पर इराक
  • नई राह दिखाएं साधु-संत
  • विविधा

    Reincarnation is a Reality

    Reincarnation is a Reality

    KS Rawat Life is like a book; a book which has its first and last pages missing. We do not know where from we have come. We do not know where we shall go. Dr. Ian Stevenson remarked, everyone outside the range of orthodox Christianity, Judaism, Islam and Science, the last being a secular religion […]

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  • क्यों असफल होते हैं गैर सरकारी संगठन
  • पूरे भारतीय समाज का दर्शन कराती भारतीय रेल
  • साहित्य

    एक दूसरा नशा

    एक दूसरा नशा

    राकेश श्रीवास्तव आज कमरे में वह छटपटा रहा है। नशा मुक्ति केंद्र का यह थोड़ा बड़ा-सा कमरा है जिसमें शिवपाल को अकेला रखा गया है। इलाज का यह सातवां दिन है और शिवपाल को कॉमन वार्ड से आज ही इस कमरे में लाया गया है। आह, सात दिनों तक जो काॅमन वार्ड में रखा गया […]

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  • Mahatma Basweshwar
  • मरे हुओं को मारो

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