ऊर्जा क्रांति की दस्तक

प्रदीप सिंह

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली में बायोगैस पर अनुसंधान के उत्साहजनक परिणाम आए हैं। यहां स्थित ग्रामीण विकास एवं प्रौद्योगिकी केंद्र में बायोगैस डेवलपमेंट एंड ट्रेनिंग सेंटर के प्रमुख प्रो. वीरेंद्र कुमार विजय इस दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। उनका स्पष्ट मानना है कि बायोगैस से एक साथ कई उपलब्धियों को हासिल किया जा सकता है।
आज भारत ही नहीं पूरे विश्व में ऊर्जा के मुख्य स्रोत के रूप में पेट्रोल का उपयोग किया जा रहा है। हालांकि ऊर्जा के दूसरे स्रोत भी हैं जैसे- पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा, आणविक ऊर्जा आदि। इन पर भी काफी काम हो रहा है, लेकिन ये सब स्रोत काफी महंगे हैं। बायोगैस हमारे लिए ऊर्जा का सबसे सस्ता और मुख्य स्रोत बन सकता है। हम इसके प्रयोग से हर दिन पेट्रोलियम पदार्थों पर खर्च होने वाले करोड़ों रुपये बचा सकते हैं। दूसरी तरफ हमारे आसपास दिखने वाले ठोस एवं तरल जैविक कचरे से भी बायोगैस बनाकर न केवल ऊर्जा पैदा की जा सकती है, बल्कि पर्यावरण प्रदूषण को भी कम किया जा सकता है। बायोगैस मूलतः वायु रहित पाचन है। इसे एक स्थायी जैव रूपांतरण प्रौद्योगिकी माना जाता है। यह एक अक्षय गैस ईंधन …

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विशेष रिपोर्ट

ऊर्जा क्रांति की दस्तक

ऊर्जा क्रांति की दस्तक

प्रदीप सिंह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली में बायोगैस पर अनुसंधान के उत्साहजनक परिणाम आए हैं। यहां स्थित ग्रामीण विकास एवं प्रौद्योगिकी केंद्र में बायोगैस डेवलपमेंट एंड ट्रेनिंग सेंटर के प्रमुख प्रो. वीरेंद्र कुमार विजय इस दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। उनका स्पष्ट मानना है कि बायोगैस से एक साथ कई उपलब्धियों को हासिल […]

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  • बायो गैस में है असीम संभावनाएं
  • उन्नत भारत अभियान की संकल्पना
  • सार्थक प्रयास

    साहब! निमोदा को चाहिए सामुदायिक मीडिया

    साहब! निमोदा को चाहिए सामुदायिक मीडिया

    उमाशंकर मिश्र कोटा शहर से करीब 30 किलोमीटर दूर रेतीले और रंगीले राजस्थान का एक छोटा सा गांव बसा है निमोदा। कुछ समय पहले तक भारतीय गांवों के अथाह महासागर में बसे दूसरे गांवों की तरह निमोदा की भी कोई पहचान नहीं हुआ करती थी। लेकिन जबसे कोटा स्थित वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी ने इस […]

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  • अध्ययन छोड़ अनशन की राह
  • भाषाई भेदभाव का गढ़ बना संघ लोक सेवा आयोग
  • परिदृश्य

    Ban Meat Export

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    Jasim Mohammad Since ancient times, animals particularly cow and buffaloes have special place in our civilisation. Perhaps India is the only country where certain animals including cow are being worshipped and regarded as holy. Hindu religious texts are full of their glory. Just before independence Indian cultivation was heavily dependent on cow dung fertilizers. Tilling […]

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  • From Africa to Ukraine: Third World War is on?
  • सैकड़ों बच्चों को निगल रहा एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम
  • अतीत

    प्रदीप रोशनः एक सूरज जो समय से पहले ढल गया

    वोटतंत्र की बुनियाद पर काम कर रही मौजूदा व्यवस्था की पोल खोलने में जो जमात लगी है, उसी के प्रतिनिधि कवि थे- प्रदीप रोशन। उनकी कविताएं दिल्ली, मुंबई के साहित्यिक गलियारों में बेशक न सुनी गई हों, लेकिन जिन लोगों में व्यवस्था परिवर्तन की अकुलाहट है, उनके बीच प्रदीप जी की कविताएं लगातार सुनी गईं। […]

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  • अंदर से हो बदलाव
  • चला गया अदब की दुनिया का कबीर
  • गतिविधियाँ

    कोल्हापुर में होगा चौथा भारत विकास संगम

    कोल्हापुर में होगा चौथा  भारत विकास संगम

    भारत विकास संगम का चौथा सम्मेलन भारतीय संस्कृति उत्सव के नाम से महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में आयोजित किया जा रहा है। कोल्हापुर को मां लक्ष्मी का धाम माना जाता है। जो लोग तिरुपति में भगवान विष्णु का दर्शन करने जाते हैं, वे यहां मां लक्ष्मी के दर्शन के लिए अवश्य आते हैं। कोल्हापुर शहर […]

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  • राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन का आठवां स्थापना दिवस
  • लातूर में समग्र विकास पर चर्चा
  • चर्चा में

    अवसर की समानता बेहद जरूरी है

    अवसर की समानता बेहद जरूरी है

    विपुल शर्मा दीनानाथ बत्रा ‘शिक्षा बचाओ आन्दोलन समिति’ के संस्थापक तथा राष्ट्रीय संयोजक  हैं। वे विद्या भारती के महासचिव भी रह चुके हैं। वे पंजाब तथा हरियाणा में अंग्रेजी तथा हिन्दी विषयों के अध्यापक तथा प्रधानाचार्य रहे हैं। सिविल सर्विस परीक्षा में सीसैट लागू किए जाने के संघ लोक सेवा आयोग के फैसले को सबसे […]

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  • विघटन के कगार पर इराक
  • नई राह दिखाएं साधु-संत
  • विविधा

    Indigenous Science and Technology

    Indigenous Science and Technology

    Dharmpal There are many philosophical formulations regarding the growth and decline of human societies (or the various stages which they are supposed to pass through). The theory of atrophy (as usually applied to India) is one of them. It is possible that it also has some relevance in explaining the growth, flowering and decline of […]

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  • बिरहा की उत्पत्ति और उसका विकास
  • The Mighty Angamis
  • साहित्य

    मरे हुओं को मारो

    अशोक आनन्द अजब ही नहीं, गजब है हमारा देश। यहां वह सब होता है, जो दुनिया में कहीं और सोचा भी नहीं जा सकता। मसलन, यहां राजा उर्फ सरकार का हर कदम आम गरीब जनता की ऐसी-तैसी करने वाला होता है और प्रजा के अमीरजादे तो बेचारे गरीब को आदमी ही नहीं समझते। हमारे देश […]

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  • पाप-निष्पाप
  • नरक का मार्ग

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