अवसर की समानता बेहद जरूरी है

विपुल शर्मा

दीनानाथ बत्रा ‘शिक्षा बचाओ आन्दोलन समिति’ के संस्थापक तथा राष्ट्रीय संयोजक  हैं। वे विद्या भारती के महासचिव भी रह चुके हैं। वे पंजाब तथा हरियाणा में अंग्रेजी तथा हिन्दी विषयों के अध्यापक तथा प्रधानाचार्य रहे हैं। सिविल सर्विस परीक्षा में सीसैट लागू किए जाने के संघ लोक सेवा आयोग के फैसले को सबसे पहले अदालत में चुनौती देने वाले दीनानाथ बत्रा से विपुल शर्मा ने बातचीत की।

सिविल सर्विस परीक्षाओं को लेकर मचे मौजूदा घमासान को आप किस तरह देखते हैं?

इस मुद्दे को लेकर हमने वर्ष 2012 में संघ लोक सेवा आयोग के विरुद्ध एक याचिका दायर की थी। इसका कारण भी बड़ा स्पष्ट था। संघ लोक सेवा आयोग ने साल 2012 से पहले के पाठ्यक्रम और प्रश्नप्रत्र की स्टाइल को बदल दिया था। इस कारण से हिंदी और भारतीय भाषाओं के विद्यार्थि‍योें को सिविल सेवा परीक्षा में उत्तीर्ण होने में काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसा देखा जा रहा था कि यूपीएससी के इस निर्णय के बाद इन भाषाओं में परीक्षा देने वाले छात्रों की संख्या लगातार घटती जा रही थी और ऐसे विद्यार्थियों की सफलता का प्रतिशत भी कम होता जा रहा …

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विशेष रिपोर्ट

इस संघर्ष को छोटा ना समझें

अनिल जोशी हिंदी भाषी क्षेत्रों में अपनी भाषा को रोजगार और जीवन के विविध क्षेत्रों में उपयोग के प्रति जागरूकता बनाए रखने की जरूरत है। सरकारों को झकझोरने की जरूरत है। संस्थान सोए पड़े हैं। कवि को कविता की तो चिंता है, यह चिंता नहीं ि‍क उसे पढ़ने वाले भी बचेंगे या नहीं। यह भारतीय [...]

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  • इस विवाद से आगे
  • भारत विकास संगम की मूल मान्यताएं
  • सार्थक प्रयास

    अध्ययन छोड़ अनशन की राह

    अध्ययन छोड़  अनशन की राह

    विवेक त्यागी सीसैट प्रणाली लागू होने के बाद सिविल सेवा के परिणाम आए तो देखा गया कि इस प्रणाली के आने के बाद से हिंदी सहित तमाम क्षेत्रीय भाषाई छात्रों की संख्या घट गई है। इस कारण से छात्रों के मन में इस प्रारूप को लेकर सवाल खड़े होनेेे लगे। सिविल सेवा परीक्षा में भाषाई [...]

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  • भाषाई भेदभाव का गढ़ बना संघ लोक सेवा आयोग
  • समाज की साधना को समर्पित एक मठ
  • परिदृश्य

    छोटे राज्यों का बड़ा मुद्दा

    छोटे राज्यों का बड़ा मुद्दा

    बीते दो जून को तेलंगाना के रूप में देश का 29वां राज्य अस्तित्व में आ गया। इसके पहले मुख्यमंत्री के तौर पर तेलंगाना राष्ट्र समिति प्रमुख के. चंद्रशेखर राव ने शपथ ली। अभी हैदराबाद ही तेलंगाना और सीमांध्र की राजधानी होगी। तेलंगाना के गठन के साथ ही एक बार फिर से छोटे राज्यों के गठन [...]

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  • बुनियादी बदलाव से दूर है मिश्र
  • बेलगाम न रहें गूगल और फेसबुक
  • अतीत

    प्रदीप रोशनः एक सूरज जो समय से पहले ढल गया

    वोटतंत्र की बुनियाद पर काम कर रही मौजूदा व्यवस्था की पोल खोलने में जो जमात लगी है, उसी के प्रतिनिधि कवि थे- प्रदीप रोशन। उनकी कविताएं दिल्ली, मुंबई के साहित्यिक गलियारों में बेशक न सुनी गई हों, लेकिन जिन लोगों में व्यवस्था परिवर्तन की अकुलाहट है, उनके बीच प्रदीप जी की कविताएं लगातार सुनी गईं। [...]

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  • अंदर से हो बदलाव
  • चला गया अदब की दुनिया का कबीर
  • गतिविधियाँ

    कोल्हापुर में होगा चौथा भारत विकास संगम

    कोल्हापुर में होगा चौथा  भारत विकास संगम

    भारत विकास संगम का चौथा सम्मेलन भारतीय संस्कृति उत्सव के नाम से महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में आयोजित किया जा रहा है। कोल्हापुर को मां लक्ष्मी का धाम माना जाता है। जो लोग तिरुपति में भगवान विष्णु का दर्शन करने जाते हैं, वे यहां मां लक्ष्मी के दर्शन के लिए अवश्य आते हैं। कोल्हापुर शहर [...]

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  • राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन का आठवां स्थापना दिवस
  • लातूर में समग्र विकास पर चर्चा
  • चर्चा में

    अवसर की समानता बेहद जरूरी है

    अवसर की समानता बेहद जरूरी है

    विपुल शर्मा दीनानाथ बत्रा ‘शिक्षा बचाओ आन्दोलन समिति’ के संस्थापक तथा राष्ट्रीय संयोजक  हैं। वे विद्या भारती के महासचिव भी रह चुके हैं। वे पंजाब तथा हरियाणा में अंग्रेजी तथा हिन्दी विषयों के अध्यापक तथा प्रधानाचार्य रहे हैं। सिविल सर्विस परीक्षा में सीसैट लागू किए जाने के संघ लोक सेवा आयोग के फैसले को सबसे [...]

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  • विघटन के कगार पर इराक
  • नई राह दिखाएं साधु-संत
  • विविधा

    बरतानिया के मूक प्रवासी

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    कादम्बरी मेहरा श्री जोसेफ हुकर ने क्यू में अप्रतिम सुधार किए व इसे अंतरराष्ट्रीय शिक्षा संस्थान का स्वरूप दिया। आज भी समस्त विश्व के पौधे यहां अनुसंधान के लिए उगाए जाते हैं। अनेक जातियां बीमारियों से ग्रसित हो चली हैं, जिससे उनके समूल नष्ट हो जाने की संभावना है। क्यू को प्रयोगशालाओं में निरोग पौधों [...]

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  • फेसबुक का फंदा
  • प्रवासी भारतीयों से संबंध अब और प्रगाढ़ होंगे – प्रेम नारायण
  • साहित्य

    नरक का मार्ग

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    - मुंशी प्रेमचंद मेरे अधःपतन का अपराध मेरे सिर नहीं, मेरे माता-पिता और उस बूढ़े पर है जो मेरा स्वामी बनना चाहता था। मैं यह पंक्तियां न लिखती, लेकिन इस विचार से लिख रही हूं कि मेरी आत्मकथा पढ़कर लोगों की आंखें खुलें, मैं फिर कहती हूं कि अब भी अपनी बालिकाओं के लिए मत [...]

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  • स्विस बैंक में रख दो देश का गेहूं

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